श्री दुर्गाअष्टमी एवं कन्यापूजन रविवार 25 मार्च 2018 नो करना शुभ रहेगा इस दिन अश्टमी एवं नवमी दोनों ही कन्यापूजन के लिए शुभ फलदायक है जाने इस नवरात्रो मे दुर्गापूजन का शुभ समय
ज्योतिषाचार्य पंडित कपिल जोशी ने बताया कि इस वर्ष शास्त्र अनु सार खग्रास चंद्रग्रहण विक्रम संवत्सर 2082 दिन रविवार पूर्णिमा तिथि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र कुंभ राशि के चंद्रमा में 7 सितंबर 2025 ई को घटित होने जा रहा है भारत के अतिरिक्त यह ग्रहण संपूर्ण यूरोप संपूर्ण एशिया के देश ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड अफ्रीका पश्चिमी उत्तरी अमेरिका तथा दक्षिणी अमेरिका के पूर्वी क्षेत्र में दिखाई देगा यूरोप के लगभग सभी देश अफ्रीका के अधिकतर देशों में इस ग्रहण का प्रारंभ चंद्र उदय के बाद देखा जा सकेगा अर्थात जब इन क्षेत्रों में चंद्र उदय होगा तब ग्रहण प्रारंभ हो चुका होगा जबकि दक्षिणी पूर्वी ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड फिजी आदि में इस ग्रहण की समाप्ति चंद्र अस्त के समय देखी जा सकेगी अर्थात जब ग्रहण घटित हो रहा होगा तो चंद्र अस्त हो जाएगा भारत तथा संपूर्ण एशिया में इस ग्रहण का दृश्य प्रारंभ से समाप्ति तक देखा जा सकेगा ग्रहण का सूतक काल इस ग्रहण का सूतक 7 सितंबर 2025 को दोपहर 12 घंटे 57 मिनट पर आरंभ हो जाएगा ग्रहण काल में क्या करें क्या ना करें ग्रहण के सूतक तथा ग्रहण काल म...
ज्योतिर्विद् पंडित कपिल जोशी के अनुसार हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व होता है। पितृ पक्ष के 16 दिनों में हम अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उन्हें श्राद्ध और तर्पण दिया जाता है। रमान्यता है पितृगण हमारे लिए देवता तुल्य होते हैं इस कारण से पितृ पक्ष में पितरों से संबंधित सभी तरह के कार्य करने पर वे हमें अपना आशीर्वाद देते हैं। मान्यता है पितर के प्रसन्न होने पर देवतागण भी हमसे प्रसन्न होते हैं। पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का तर्पण नहीं करने हम पर पितृदोष लगता है। पितृ पक्ष का आरंभ आश्विन मास महीने की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से होती है। इस वर्ष पितृपक्ष 20 सितंबर से शुरू होकर 06 अक्तूबर को समाप्त हो जाएगा। आइए जानते हैं पितृपक्ष 2021 की प्रमुख तिथियां ... पूर्णिमा श्राद्ध - 20 सितंबर प्रतिपदा श्राद्ध - 21 सितंबर द्वितीया श्राद्ध - 22 सितंबर तृतीया श्राद्ध - 23 सितंबर चतुर्थी श्राद्ध - 24 सितंबर पंचमी श्राद्ध - 25 सितंबर षष्ठी श्राद्ध - 27 सितंबर सप्तमी श्राद्ध - 28 सितंबर अष्टमी श्राद्ध- 29 सितंबर नवमी श्राद्...
ज्योतिषाचार्य पंडित कपिल जोशी ने बताया कि शास्त्र अनुसार इस वर्ष विक्रम संवत्सर 2081 अश्विनी शुक्ल पक्ष दिन मंगलवार 17 सितंबर 2024 को 11:45 तक अनंत चतुर्दशी तिथि व्याप्त रहेगी इस दिन भगवान श्री विष्णु जी के निमित्त व्रत रखकर ओम अनंत आए नमः का जाप करने से परम सिद्धि प्राप्त होती है गणपति विसर्जन श्री सत्यनारायण व्रत पूजन इस दिन किया जाएगा सुबह 11:45 के उपरांत अपने दिवंगत पितरों की आत्मा की शांति के लिए 17 सितंबर 2024 को पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध इस दिन किया जाएगा आश्विन कृष्ण पक्ष पितृ पक्ष कहलाता है पितरों के नियमित किए जाने वाले प्राय सभी श्राद्ध कर्म पावन श्रIद्ध कहलाते हैं स्राद्धों में दिवंगत पूर्वजों की मृत्यु तिथि अनुसार तिलकुशा चावल और गंगाजल सहित संकल्प पूर्वक पिंडदान व तर्पण आदि करने के बाद ब्राह्मणों को यथाशक्ति भोजन फल वस्त्र आदि का दान दक्षिणा सहित करता है उसके पितृ संतृप्त होकर साधक को दीर्घायु आरोग्य स्वास्थ्य धन यश संपदा मोक्ष आदि का आशीर्वाद देते हैं जो व्यक्ति जानबूझकर श्राद्ध कर्म नहीं करता वह पाप ग्रस्त होकर अनेक प्रकार के कस्ट एवं भाव ...
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